देहरादून : भारतीय जनता पार्टी द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश रैलियों की घोषणा और विपक्ष पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और जनता का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है।
कांग्रेस नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर यह दुष्प्रचार कर रही है कि महिला आरक्षण विधेयक विपक्ष की वजह से पारित नहीं हो सका, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया था। भाजपा आज उसी मुद्दे को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ प्रदेशभर में “गो बैक” के नारे लगना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जनता का भरोसा भाजपा से उठ चुका है। हाल ही में भाजपा प्रभारी के रुड़की में और संगठन महामंत्री के टिहरी (पीपलकोटी) दौरे के दौरान स्थानीय जनता ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। यह आक्रोश भाजपा के कुशासन और जनविरोधी नीतियों का परिणाम है।
गरिमा दसौनी ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे की आड़ में अपनी गिरती राजनीतिक जमीन को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा था कि केवल “मोदी मैजिक” से काम नहीं चलेगा, धरातल पर काम करना होगा। यह बयान खुद भाजपा के अंदरूनी हालात और विफलताओं को उजागर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में भारी अनियमितताएं, घोटाले और भ्रष्टाचार सामने आए हैं, जिससे आम जनता विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। भाजपा सरकार इन विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए नए-नए मुद्दे उछाल रही है।
गरिमा दसौनी ने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा को महिलाओं के सशक्तिकरण से अधिक अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की चिंता है। अगर भाजपा वास्तव में महिलाओं के हितों के प्रति गंभीर होती, तो वह योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती, न कि केवल रैलियों और नारों के माध्यम से राजनीति करती।उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकारों, समान भागीदारी और वास्तविक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भाजपा के इस दुष्प्रचार का हर स्तर पर तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा।







