देहरादून : उत्तराखंड शासन ने सहकारिता विभाग में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अपर निबंधक, संयुक्त निबंधक एवं उप निबंधक स्तर के अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है। इस संबंध में शासन द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार ईरा उप्रेती को अपर निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड के साथ सदस्य, उत्तराखंड संस्थागत सेवा मंडल के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं आनंद शुक्ल को सदस्य, उत्तराखंड राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण, देहरादून के पद पर नियुक्त किया गया है।
नीरज बेलवाल को उत्तराखंड सहकारी न्यायाधिकरण एवं सहकारी सेवा, देहरादून में नामित/नियुक्त किया गया है। मंगला प्रसाद त्रिपाठी को सदस्य सचिव, उत्तराखंड राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण तथा प्रबंध निदेशक, उत्तराखंड राज्य सहकारी आवास संघ, काशीपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार रमिंद्री मंद्रवाल को सदस्य, संस्थागत सेवा मंडल के पद पर नियुक्त किया गया है।निबंधक सहकारी समितियां, उत्तराखंड को राज्य सहकारी न्यायाधिकरण उत्तराखंड में सदस्य (प्रशासनिक सेवा) के पद पर नामित किया गया है।
इसके अतिरिक्त हाल ही में सहायक निबंधक से उप निबंधक पद पर पदोन्नत चार अधिकारियों को नवीन तैनाती प्रदान की गई है। मनोज कुमार पुनेठा को उप निबंधक सहकारी समितियां, मुख्यालय के पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें प्रबंध निदेशक, लेबर फेडरेशन एवं हथकरघा संघ उत्तराखंड के पद का दायित्व सौंपा गया है।
सुरेंद्र पाल को पदोन्नति के उपरांत उप निबंधक सहकारी समितियां, गढ़वाल मंडल, पौड़ी के पद पर तैनात किया गया है। राजेश चौहान को उप निबंधक, कुमाऊं मंडल नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही निबंधक कार्यालय में संपादित किए जा रहे विधिक एवं न्यायिक कार्यों का निष्पादन भी उनके द्वारा किया जाएगा। मोनिका चुनेरा को उप निबंधक मुख्यालय के पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें प्रबंध निदेशक, साइलेज तथा जनपद हरिद्वार में जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां के रिक्त पद पर नियमित तैनाती होने तक दायित्व सौंपा गया है।
शासन ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुए शासन को इसकी सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नवीन दायित्व प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त एवं जनोन्मुखी बनाने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ करेंगे तथा विभागीय योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय योगदान देंगे।*
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे केंद्र एवं राज्य सरकार की संचालित योजनाओं का सुचारू रूप से संपादन कर सभी लक्षण को प्राप्त करना सुनिश्चित करेंगे प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए सहकारिता संस्थाओं को आत्मनिर्भर एवं जनहित एवं लोक कल्याणकारी बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।*







