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कैबिनेट ने रसोई गैस संकट पर जनता को कोई राहत देना तो दूर विषय पर चर्चा तक नहीं, सरकार सबसे बड़ी परेशानी के प्रति संवेदनहीन- सूर्यकांत धस्माना

देहरादून: उत्तराखंड की भाजपा सरकार जनता के दुख तकलीफों और परेशानियों के प्रति कितनी संवेदनहीन है यह आज की भाजपा सरकार की कैबिनेट की बैठक में पता चला जिसमें इस वक्त के सबसे गम्भीर संकट पर कोई चर्चा तक नहीं हुई यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्रीमंडल विस्तार के बाद आयोजित इस पहली बैठक में सोलह विषयों पर चर्चा हुई व निर्णय हुए, नए मंत्रियों को बधाइयां दी गईं और प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सरकार को पीठ थपथपाई पर चर्चा और धन्यवाद प्रस्ताव हुए लेकिन आज प्रदेश की जनता रसोई गैस के लिए लाइनों में लगी है, रसोई गैस की किल्लत लगातार विकराल रूप ले रही है , होटल, रेस्तरां व औद्योगिक इकाइयां बंद हो रही हैं लेकिन जैसे इन सब से राज्य की सरकार को कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा।

सूर्यकांत स्माना ने कहा कि आज से ही घरेलू रसोई गैस की बुकिंग 25 दिन से बड़ा कर 35 दिन और 7 दिन की वेटिंग कर दी गई लेकिन राज्य सरकार ने प्रदेश के रसोई गैस के कोटे को बढ़वाने के लिए कोई ठोस प्रयास अभी तक नहीं किया। धस्माना ने कहा कि बेशक यह स्थिति इजरायल और अमरीका के ईरान पर हमले के कारण पैदा हुई हैं किन्तु इन आंशिक भूमिका भारत के प्रधानमंत्री व उनकी विदेश नीति की भी है जिसके कारण ईरान से भारत के अच्छे रिश्ते खराब हो गए और स्ट्रेट आफ हार्मोस से आने वाले कच्चे तेल व एलपीजी आने में परेशानी व बाधाएं आ रही हैं।

 

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