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उत्तराखंड : महाकुंभ-2027 से पहले साइबर सुरक्षा की बड़ी तैयारी, कांवड़ मेले में 24 घंटे निगरानी कर रहे कमांडो, 24 घंटे होगी डिजिटल निगरानी

देहरादून  मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पहली बार कांवड़ मेला-2026 के दौरान साइबर सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित करते हुए प्रशिक्षित साइबर कमांडोस की तैनाती की गई है, जो आगामी महाकुम्भ-2027 की तैयारियों की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।कांवड़ मेला-2026 की साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु प्रशिक्षित साइबर कमांडोस की विशेष ब्रीफिंग आयोजित की।उत्तराखण्ड में पहली बार किसी विशाल धार्मिक आयोजन के लिए प्रशिक्षित साइबर कमांडोस की तैनाती।साइबर सिक्योरिटी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, साइबर इंटेलिजेंस एवं इंसीडेंट रिस्पांस की 04 विशेष इकाइयाँ 24×7 साइबर स्पेस की सतत निगरानी करेंगी।

मुख्यमंत्री की पहल पर डीजीपी दीपम सेठ के निर्देशन में राज्य में पहली बार कावंड मेला ड्यूटी के लिए साइबर कमांडोस की विशेष तैनाती की गयी है। जिसका उद्देश्य न केवल कांवड़ मेला-2026 के दौरान साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करना है, बल्कि आगामी महाकुम्भ-2027 के लिए राष्ट्रीय स्तर के साइबर सुरक्षा मानकों एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के अनुरूप एक सुदृढ़ एवं तकनीक आधारित साइबर सुरक्षा मॉडल विकसित करना भी है।

कांवड़ मेला-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर स्पेस में प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 31 जुलाई, 2026 को पटेल भवन, पुलिस मुख्यालय, देहरादून में प्रशिक्षित साइबर कमांडोस की विशेष ब्रीफिंग आयोजित की गई। कांवड़ मेला-2026 हेतु प्रशिक्षित साइबर कमांडोस को हरिद्वार में नियुक्त किया गया है। उत्तराखण्ड में पहली बार किसी विशाल धार्मिक आयोजन हेतु प्रशिक्षित साइबर कमांडोस की विशेष तैनाती की जा रही है, जो आगामी महाकुम्भ-2027 के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगी।

कांवड़ मेला-2026 के दौरान साइबर कमांडोस की 04 विशेष इकाइयाँ – Cyber Security Unit, Social Media Monitoring Unit, Cyber Intelligence Unit एवं Incident Response Unit 24×7 कार्य करते हुए साइबर स्पेस, सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की सतत निगरानी करेंगी। Cyber Commandos की यह तैनाती भविष्य में महाकुम्भ-2027 जैसे विशाल आयोजनों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम साइबर सुरक्षा प्रक्रियाओं को अपनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। विभिन्न राज्यों एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त प्रशिक्षण एवं अनुभव का उपयोग करते हुए Cyber Commandos श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

ब्रीफिंग के दौरान पुलिस महानिरीक्षक, स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखण्ड द्वारा साइबर कमांडोस को निर्देशित किया गया कि वे अपने तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण एवं अनुभव का उपयोग करते हुए साइबर स्पेस में सक्रिय अपराधियों की पहचान, साइबर इंटेलिजेंस के प्रभावी विश्लेषण एवं रियल-टाइम सूचना साझा करने की प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करें। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला-2026 के दौरान प्राप्त अनुभव एवं परिचालन संबंधी निष्कर्ष महाकुम्भ-2027 के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी रणनीतियों एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे। साइबर कमांडोस द्वारा किए जाने वाले कार्य भविष्य में बड़े धार्मिक आयोजनों की साइबर सुरक्षा के लिए एक सुदृढ़ एवं व्यवहारिक मॉडल के रूप में स्थापित होंगे।

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह द्वारा सभी साइबर कमांडोस को आधुनिक तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए साइबर अपराधों की रोकथाम, डिजिटल निगरानी व प्राप्त होने वाली प्रत्येक साइबर सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

प्रमुख कार्य एवं उत्तरदायित्व :

• साइबर स्पेस, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अन्य डिजिटल माध्यमों की 24×7 निगरानी कर संदिग्ध गतिविधियों पर सतत दृष्टि रखी जाएगी।

• फेक न्यूज, अफवाह, भ्रामक एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली डिजिटल सामग्री की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित इकाइयों को त्वरित रूप से सूचित किया जाएगा।

. भारत से आए हुए 31साइबर कमांडो एवं उत्तराखंड राज्य के 04 साइबर कमांडो हरिद्वार कंट्रोल रूम और कावड़ सेल पटेल भवन और आईटीडीए में ग्रुप में नियुक्त रहते हुए वर्चुअल वर्ल्ड पर रखेंगे अपनी निगाह

• श्रद्धालुओं को लक्ष्य बनाकर किए जाने वाले ऑनलाइन होटल एवं ट्रैवल बुकिंग, UPI एवं QR Code आधारित धोखाधड़ी, फिशिंग एवं अन्य साइबर अपराधों की निगरानी एवं रोकथाम सुनिश्चित की जाएगी।

• साइबर हेल्पलाइन-1930, NCRP पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

• सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्राप्त साइबर इंटेलिजेंस का विश्लेषण कर रियल-टाइम अलर्ट एवं तकनीकी इनपुट फील्ड इकाइयों को उपलब्ध कराया जाएगा।

• फर्जी वेबसाइट, फर्जी होटल एवं यात्रा बुकिंग, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट तथा अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी के विरुद्ध विशेष निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

• साइबर माध्यम से कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों की पहचान कर संबंधित इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

• कांवड़ मेला-2026 के दौरान प्राप्त अनुभवों एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का दस्तावेजीकरण कर महाकुम्भ-2027 हेतु साइबर सुरक्षा रणनीतियों एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं के निर्माण में उनका उपयोग किया जाएगा।

इस अवसर पर तरुण उप्पल डायरेक्टर i4c,अपर पुलिस अधीक्षक (कानून व्यवस्था) लोकजीत सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (साइबर) शान्तनु पाराशर, क्षेत्राधिकारी (स्पेशल टास्क फोर्स ) ऋषि चमोला तथा महाप्रबंधक अनिल जोशी उपस्थित रहे। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C), गृह मंत्रालय की प्रशिक्षण टीम भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ी रही तथा साइबर कमांडोस का मार्गदर्शन किया।

उत्तराखण्ड पुलिस कांवड़ मेला-2026 के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षित साइबर कमांडो आधुनिक तकनीकी दक्षता, साइबर इंटेलिजेंस एवं रियल-टाइम समन्वय के माध्यम से साइबर स्पेस पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी साइबर घटना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही, कांवड़ मेला-2026 के दौरान प्राप्त अनुभव आगामी महाकुम्भ-2027 के लिए उत्तराखण्ड में एक सुदृढ़, प्रौद्योगिकी आधारित एवं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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