उत्तराखंड में एक बार फिर हत्या से हड़कंप मच गया।बता दें कि काशीपुर के आईटीआई कोतवाली क्षेत्र के महुआखेड़ागंज में गुरुवार को दिनदहाड़े 22 वर्षीय युवती की गोली मारकर हत्या कर दी गई।वारदात के बाद आरोपी युवती का शव उसके घर पर छोड़कर फरार हो गया। घटना के समय घर पर केवल महिलाएं मौजूद थीं। हत्या के बाद आरोपी साजिद और उसके परिवार के भी फरार होने की बात सामने आई है।
मृतका की पहचान मेहबिश पुत्री स्वर्गीय फरियाद हुसैन के रूप में हुई है। वारदात की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। वहीं फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच की और घटना से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाए।
बताया जा रहा है कि मृतका मेहबिश चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। आरोप है कि उसकी हत्या पड़ोस के रहने वाले साजिद के घर में की गई। घटना के बाद आरोपी साजिद मृतका के शव को उसके घर पर छोड़कर फरार हो गया। उस समय घर में केवल महिलाएं मौजूद थीं।
घटना के बाद से आरोपी साजिद और उसके परिवार के लोग भी मौके से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम द्वारा भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक मृतका के पिता फरियाद हुसैन का वर्ष 2004 में निधन हो चुका था। बताया जा रहा है कि मेहबिश ने इसी वर्ष राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर से बीए फाइनल की पढ़ाई पूरी की थी।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हत्या के पीछे की वजह तथा घटना में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।सूचना मिलते ही आईटीआई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच की और घटना से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाए।
बताया जा रहा है कि मृतका मेहबिश चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। आरोप है कि उसकी हत्या पड़ोस के रहने वाले साजिद के घर में की गई। घटना के बाद आरोपी साजिद मृतका के शव को उसके घर पर छोड़कर फरार हो गया। उस समय घर में केवल महिलाएं मौजूद थीं।
घटना के बाद से आरोपी साजिद और उसके परिवार के लोग भी मौके से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम द्वारा भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक मृतका के पिता फरियाद हुसैन का वर्ष 2004 में निधन हो चुका था। बताया जा रहा है कि मेहबिश ने इसी वर्ष राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर से बीए फाइनल की पढ़ाई पूरी की थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हत्या के पीछे की वजह तथा घटना में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।







