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Opration fake pill : कहीं आप भी तो नहीं खा रहे ब्रांड के नाम पर नकली दवाई, विभिन्न राज्यों में चल रहे ऑनलाइन नकली दवा बेचने वाले अर्न्तराष्ट्रीय गिरोह पर STF की सर्जिकल स्ट्राइक, 2 गिरफ्तार

देहरादून : विभिन्न राज्यों में चल रहे ऑन लाईन नकली दवा बेचने वाले अर्न्तराष्ट्रीय गिरोह पर एसटीएफ ने सर्जिकल स्ट्राईक की। नकली दवाईयो का कारोबार करने वालो के विरुद्ध एसटीएफ द्वारा Operation Fake Pill चलाया जा रहा है। उत्तराखण्ड एसटीएफ ने ऑन लाईन नकली दवाईयों को बेचने वाले गिरोह का भांडाफोड किया। अभियान के दौरान नकली जीवन रक्षक दवाईयों के माध्यम से मानव जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे अन्तराज्यीय गिरोह के 02 सदस्य एसटीएफ के शिकंजे में आये। ब्रांडेड कम्पनियों की ऑन लाईन नकली दवाईयां बिहार, उ0प्र0, दिल्ली, चण्डीगढ, पंजाब,उत्तराखण्ड आदि राज्यों में बिना लाईसेंस के विक्रय की जा रही थी। फर्जी सिम के माध्यम से एक दूसरे के गिरोह के सदस्य संपर्क में रहते थे।

मुख्यमंत्री के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा निर्गत निर्देशो के क्रम में राज्य को ड्रग्स फ्री बनाने के साथ ही नकली दवाईयों के कारोबार करने वाले लोगो को चिन्हित कर कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे, इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस एसटीएफ द्वारा एक टीम का गठन कर नकली दवाईयों का कारोबार करने वाले गिरोह की धरपकड़ हेतु इनपुट विकसिक कर, ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए थे। जिसके अनुक्रम में एसटीएफ टीम द्वारा विभिन्न ब्रांडेड दवाई कंपनियों की जीवन रक्षक दवाईयों की हूबहू नकल कर नकली दवाईयों को तैयार कर बाजार में ऑन लाईन विक्रय करने वाले अर्न्तराष्ट्रीय गिरोह के 02 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 29/26 धारा 111(संगठित अपराध), 318(4) (धोखाधड़ी), 336(2)/336(3) (झूठा दस्तावेज/इलाक्ट्रानिक रिकार्ड बनाना), 338(जालसाजी), 340(2) (जाली दस्तावेजों या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के धोखाधड़ीपूर्ण इस्तेमाल), 61(2)(आपराधिक षड़यंत्र) बीएनएस व 22/8 (नशीली/मनोउत्तेजक दवाओं पर प्रतिबंध) एनडीपीएस एक्ट एवं 63/65 कॉपी राईट एक्ट (जानबूझकर पाईरेटेड सामग्री बनाना), 66(डी) (ऑनलाइ माध्यम से धोखाधड़ी), 66(सी) (पहचान की चोरी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया।

मामले में एसटीएफ एसएसपी द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ द्वारा नकली दवाईयों के कारोबार मे लिप्त गिरोह के सदस्यो पर कार्यवाही हेतु एक समर्पित टीम को नियुक्त कर विगत दो माह से कार्यवाही/इनपुट विकसित किये जा रहे थे, जिसके क्रम में ब्रांडेड दवा कंपनी Sunpharma, Mankind, Zydus, Glenmark, Torrent, Macleods के एक संगठित गिरोह द्वारा ऑन लाईन नकली दवाईयों को विक्रय किये जाने के सम्बन्ध में एसटीएफ को सूचना प्राप्त हुई थी। जिसमें जॉच के दौरान पाया गया कि एसके हेल्थ केयर फेसबुक पेज पर ऑन लाईन फर्जी तरीके से ब्रांडेड दवा कम्पनी के नकली प्रोडक्ट Nucoxia:-90, Zydus]Nucoxia :- MR:- Zydus]Telma AM:- Glenmark]Abirapro:- Glenmark]Tydol 100:- Sun Pharma]Gudcef Plus:- Mankind]Clingen Forte:- Aristo]Pantop DSR:- Aristo]Apcolam 0.5 :- Ajanta,CCM:- GSK,Voveran SR 100:- Dr Reddy,Trenaxa:- Macleods,Antas-AT:- Intas,Amlosafe AT :- Aristo,GABAPIN 100:-Intas,Defcort 6 :-Macleods,Nexovas:- Macleods,Zerodol SP:- IPCA,Aciloc -50 :- Cadila,Glocomet GP-1 :- USV,O2:- Medley,Augmentin 625:- GSK,Chymoral Forte:- Torrent,Enterogermina:- Sanofi,Amlovas AT:- Macleods,Luprodex Depot:- Bharat Serum,Coast 500:- Intas विक्रय किये जा रहे है। फेसबुक पेज एसके हेल्थ केयर में ब्रांडेड कंपनी के प्रोडक्ट की तस्वीर डालकर उनको आधे से भी कम दाम में बेचते है। इस नेटवर्क का संचालन जिला सम्भल उ0प्र0 से संचालित किया जा रहा था तथा उक्त संगठित अपराध का नेटवर्क बिहार, उ0प्र0, दिल्ली, चण्डीगढ, पंजाब,उत्तराखण्ड आदि राज्यों में नकली दवा विक्रय करना पाया गया है। ब्रांडेड दवा कंपनियों के पैकिंग मटेरियल की कॉपी कर उसमे दवा कंपनी के कूटरचित मूल्यवान दस्तावेज को प्रिंट कर उसमे नकली दवा बनाकर कर ऑनलाइन बेच कर संगठित अपराध करते है। इन राज्यों के कुछ दवा विक्रेता अपना मोटा मुनाफा कमाने के लिए उपरोक्त ब्रांडेड कम्पनी के नाम से नकली दवाईयां आधे से भी कम रेट पर खरीदकर कर प्रिन्ट एमआरपी पर बेचते है। जबकि यह दवाईयां लेब टेस्ट में फेल हो जाती है।

इस प्रकार की दवा के सेवन से आम जनता के स्वास्थय पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है तथा बीमार व्यक्ति के जीवन का संकट बढ जाता है। उक्त गिरोह पर कार्यवाही करते हुए थाना साईबर पुलिस स्टेशन, एसटीएफ देहरादून में अभियोग पंजीकृत कराया गया है एंव 02 अभियुक्तगणों को गिरफ्तार किया गया है एंव गिरोह में सम्मलित अन्य सदस्यों की जानकारी की जा रही है।

एसटीएफ टीम को पूछताछ में अभियुक्त गौरव त्यागी ने बताया कि रुड़की में उसकी दवा फैक्ट्री थी जो नकली दवा बनाने में पकड़ी गई थी और आजकल वह अपने रिश्ते के भाई मंयक उर्फ मोंटी के साथ मिल कर भगवानपुर हरिद्वार क्षेत्र में अलग-अलग ब्रांडेड दवा कंपनी के नाम से नकली दवाई बना रहे है और कोटद्वार सिडकुल एरिया में भी नकली दवाई बनवाई थी जबकि उक्त फैक्ट्री दो साल से बंद पड़ी है, जब दवा बनानी होती है तभी इसको खोलते है। बनाई गई नकली दवा को वह एसके हेल्थ केयर फेसबुक पेज व अन्य व्यक्तियों के माध्यम से ऑनलाइन बेचते है। उपरोक्त कोटद्वार में स्थित बंद कम्पनी को सीज की कार्यवाही की जा रही है साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी भेजा गया है।

उक्त सूचना के आधार पर रूडकी एंव कोटद्वार में दोनों कम्पनी में एसटीएफ टीम एंव सम्बन्धित ड्रग विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है।

बरामदगी का विवरणः

फेसबुक पेज एसके हेल्थकेयर के माध्यम से विक्रय की जा रही नकली दवाईयों को एसटीएफ द्वारा काल्पनिक नाम से मंगाया गया तो अभियुक्तगण द्वारा 1- Gudcef Plus मेडिसिन के (22 बॉक्स), मैनकाईन्ड कम्पनी, 2- Tydol 100 मेडिसन के (10 बॉक्स) सनफार्मा कम्पनी की नकली दवाईयां कोरियर के माध्यम से गया तथा वाराणसी से देहरादून भेजी गई थी।

गिरफ्तार अभियुक्त गण का विवरण

1-जतिन सैनी पुत्र कैलाश निवासी बेगम सराय जिला सम्भल उत्तरप्रदेश।

2-गौरव त्यागी पुत्र जीवन त्यागी निवासी साईं लोक जीएमएस रोड देहरादून मूलपता खरखौदा मेरठ।

आपराधिक इतिहास

नकली दवाईयां से सम्बन्धित 03 अन्य अभियोग अभियुक्त गौरव त्यागी के विरूद्व जनपद हरिद्वार, जनपद देहरादून एंव महाराष्ट्र में पंजीकृत है एंव अन्य जनपद/राज्यों से जानकारी एकत्र की जा रही है।

आम जनता से अपील

1- बिना बिल के दवाईयां ना खरीदे तथा बिल में दवाईयां का बैच नम्बर का अवश्य मिलान करें।

2- एमआरपी से ज्यादा छूट मिलने के लालच में नकली दवाईयां ना खरीदें।

3- दवा विक्रेता अपने मोटे मुनाफे के लालच में किसी भी अज्ञात ऑन लाईन प्लेटफार्म से तथा किसी भी अनजान व्यक्ति से बिना सत्यापन व जॉच पडताल के दवाईयां ना खरीदे, अपने क्षेत्र के सम्मानित तथा विष्वसनीय थोक विक्रेता से ही दवाईयां खरीदें। अनजान व्यक्तियों से दवाई खरीदना किसी ना किसी व्यक्ति के जीवन पर भारी पडता है। ऐसी दवाईयां खरीदना व बेचना अपराध की श्रेणी में आता है।

4- यदि किसी व्यक्ति को नकली दवा बेचने किसी व्यक्ति या ऑन लाईन प्लेटफार्म की जानकारी होती है तो ड्रग विभाग एंव एसटीएफ को सूचित करें। *एसटीएफ से संपर्क हेतु 0135-2656202, 9412029536 [सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रहेगा]

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