उत्तराखण्ड STF ने किया राष्ट्रीय स्तर परीक्षा IELTS में हुई धांधली का पर्दाफ़ाश, 3 दबोचे, यहां बदलते थे ‌OMR शीट

देहरादून : एसटीएफ ने नेशनल स्तर पर आयोजित IELTS की परीक्षा में नकल कराकर पास कराने वाले गिरोह के 03 सदस्यों को गिरफ्तार किया। एसटीएफ ने नकल कराने वाले गिरोह के सदस्यों के IELTS की कोचिंग कराने वाले सेन्टरों से भी तार जुड़ रहे है।एसटीएफ परीक्षा में शामिल कोचिंग सेन्टरों की छानबीन करेगी।

एसटीएफ एसएसपी  आयुष अग्रवाल ने जानकारी देते हुये बताया कि विगत माह में एसटीएफ कार्यालय पर दिल्ली के एक ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह दीगरा, देलिवापी ट्रन्सपोर्ट गुडगांव ने आईलेट्स की परीक्षा में हुयी गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसके अलावा आईलेट्स की परीक्षा देने वाले कुछ अभ्यर्थियों द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया था,जिसमें बताया गया था कि उनके द्वारा आईलेट्स का एग्जाम दिया गया है और उनको जानकारी मिली है कि उनकी आन्सर शीट और ओएमआर शीट के साथ हेरफेर की गयी है जिससे उनके भविष्य से खिलवाड़ हुआ है। इस सूचना पर एसटीएफ द्वारा जांच शुरू की गयी तो जानकारी हुयी कि भारत में आईडीपी IELTS एम्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। यह एक इंग्लिश लैग्वेज टेस्ट है। जिसकी आवश्यकता विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले छात्रों को होती है। विदेश में पढ़ाई के लिये अकादमिक IELTS और वर्क वीजा या परमानेंटली उन देशों में बसने के लिए जनरल पेपर्स IELTS एग्जाम देना होता है। IELTS एग्जाम हर महीने में 04 और साल में 48 बार अलग-अलग तारीखों पर होता है और इस एग्जाम को पास करने पर एक सर्टिफिकेट दिया जाता है, जो 2 वर्ष के लिए वेध्य होता है। वर्तमान में पूरे भारत वर्ष में आईडीपी कम्पनी ATS के एग्जाम करा रहा है।

आईडीपी का देहरादून में आयोजित होने वाली IELTS परीक्षा कराने की जिम्मेदारी प्लेनेट कम्पनी को दी है तथा ओएमआर शीट को आईबी के कार्यालय गुड़गांव तक सुरक्षित पहुंचाने का अनुबन्ध ब्लू डार्ट कम्पनी से किया गया है।

इस प्रकरण की शुरूवाती जांच में पाया गया कि श 25 फरवरी को आईडीपी द्वारा होटल एम.जे.पोर्टिगो रिस्पना पुल,नेहरू कालोनी देहरादून में IELTS कि परीक्षा आयोजित करायी गयी थी। जिसमे 171 अभ्यर्थी सम्मिलित हुये थे । परीक्षा होने के बाद अभ्यर्थियों की ओएमआर/आन्सर शीट को सूटकेस में सील कर आईडीपी कार्यालय गुड़गांव में डिलीवर करने हेतु ब्लूडाट कूरियर सर्विस कार्यालय निरंजनपुर पटेलनगर देहरादून को दे दिया गया जिनके द्वारा दिनांक 25 फरवरी 23 को ही रात 23:15 बजे पर उक्त सूटकेश अन्य पार्सल के साथ कन्टेनर में रखकर उसके बाहर डिजीटल लॉक लगाकर दिल्ली के लिये भेज दिया था, फिर वहां से ब्लू डार्ट के वाहन द्वारा उस सूटकेश को आईडीपी के कार्यालय गुड़गांव में डिलीवर कर दिया गया। उक्त कन्टेनर का वाहन चालक जितेन्द्र पुत्र जयराम नि0 कडीहनपुरा थाना सी जिला हरदोई उत्तर प्रदेश से दिल्ली था।

25 फरवरी की रात में ब्लू डार्ट कोरियर कम्पनी को इस वाहन के डिजीटल लॉक में छेड़छाड़ होने की सूचना प्राप्त हो गयी थी, जिनके द्वारा उसे आईडीपी कम्पनी को साझा किया गया परन्तु दोनों ही कम्पनियों द्वारा इस सम्बन्ध में एक दूसरे पर विधिक कार्यवाही करने की जिम्मेदारी बताकर मामले में आगे की कार्यवाही नहीं करायी गयी।

एसटीएफ ने इस प्रकरण में अभ्यर्थियों की शिकायत पर गम्भीरतापूर्वक जांच शुरू की गयी जांच के दौरान एसटीएफ द्वारा सीसीटीवी फुटेज सीडीआर और बैंक खातों का विश्लेषण किया गया तो पाया कि दिनांक 25/26 फरवरी की रात में देहरादून में कन्टेनर चालक जितेन्द्र के खाते में कुछ धनराशि यूपीआई के माध्यम से जमा करायी गयी थी जिनकी जांच की गयी तो पंजाब लुधियाना से एक व्यक्ति समिन्दर मंडी द्वारा ये रूपये चालक जितेन्द्र के खाते में जमा कराये गये थे। जिसके बारे में छानबीन की गयी तो समिन्दर मण्डी का पिछले कुछ सालों से आईलेट्स की परीक्षा की तिथियों में देहरादून आना पाया गया तथा यहा के लोकल ट्रासपोर्टर्स से सम्पर्क कर वाहनों को किराये पर लेना पाया गया।

जांच के दौरान परीक्षा आयोजित कराने वाली कम्पनी आईडीपी के प्रतिनिधि जयदीप सिंह (हेड क्वालिटी एंड कंप्लायंस ऑफीसर) पूछताछ की गयी तो उनके द्वारा बताया गया कि ब्लू डार्ट से लॉक टैम्परिंग की मेल मिलने के बाद हमारी इन्वेस्टीगेशन टीम द्वारा 171 अभ्यर्थियों की ओएमआर /आंसर शीट*श चेक की गयी तो 15 अभ्यर्थियों की सीट में टैम्परिंग पायी गयी। इन 15 अभ्यर्थियों के बारे में जांच की गयी तो ये अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान 4 अलग अलग इंस्टिट्यूट संचालक के सम्पर्क में थे, जो आईलेट्स की कोचिंग कराते हैं, जिनकी भूमिका की जांच एसटीएफ द्वारा की जा रही है।

इस सम्बन्ध में कन्टेनर चालक जितेन्द्र पुत्र जयराम नि0 कडीहनपुरा थाना सांडी जिला हरदोई उत्तर प्रदेश को एसटीएफ कार्यालय से पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि इस परीक्षा के कुछ रोज पहले समिन्दर मण्डी, साहिल कुमार और एक अन्य तीन व्यक्तियों ने उसे बुलाकर मे दिनांक 25 फरवरी, 11 मार्च को होने वाली आईलेट्स परीक्षाओं की ओएमआर शीट कुछ देर के लिये उन्हें सुपुर्द करने की एवज में 3 लाख रूपये देने तय किये गये। जिससे वह लालच में आ गया उसने इस काम के लिये अपने ब्लू डार्ट कम्पनी के मैनेजर शब्बीर खान को भी साथ में मिला लिया. तय योजना के अनुसार दिनांक 25 फरवरी को देहरादून से रवाना होकर मोहन्ड का जंगल पार करते मैंने गाड़ी की साईक खड़ा कर दिया। वहा पर समिन्दर मण्डी और साहिल ने मेरी गाड़ी से पीछे लगा लॉक को पेचकस के माध्यम से खोलकर उसके अन्दर रखा आईलेट्स के पेपर का सूटकेश अपने कब्जे में ले लिया और मुझे आगे-आगे चलकर दिल्ली बार्डर पर मिलने को कहा । दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचने पर शमिंदर मंडी और साहिल द्वारा ओएमआर शीट वाला सूटकेस फिर ट्रक में रखकर लॉक लगा दिया। कन्टेनर गाड़ी में आईलेट्स वाला कुरियर कहाँ पर रखा गया है, इस बात की जानकारी मेरे कम्पनी के शब्बीर खान द्वारा wtsup के माध्यम से समिन्दर मन्दी को दी जाती।. फिर ये पूरे कन्टेनर में से उसी बैंग को खोलते थे जिसमे पेपर वाला सूटकेश रखा गया होता था।

इस मामले में अन्य पकडे गये साहिल पुत्र सतीश कुमार उम्र 26 वर्ष निवासी मो. कैलाश नगर रोड, लुधियाना ने बताया कि समिंदर पुत्र चुन्नीलाल निवासी मो. फिरोजपुर रोड, लुधियाना पंजाब मेरा सगा जीजा है। इसमें सारा गेम प्लान मेरे जीजा समीन्दर का होता है।*श शमिन्दर की ही ड्राईवर जितेंद्र और शब्बीर खान से गाड़ी का लॉक खोलकर पेपर में बदलाव करने की सेटिंग की बात हुयी थी। दिनांक 25 फरवरी को उसके द्वारा गाड़ी के ड्राइवर जितेन्द्र से सम्पर्क करके उसे मोहन्ड के पास रुकवा दिया और वहां पर अपने कंडीडेट्स को साथ ले जा कर गाड़ी से परीक्षा का सूटकेस को निकाल कर उसमें से जो बच्चे हमारे साथ आये उनकी कॉपियों को निकालकर वह कापिया बच्चों को दोबारा दी गई और बच्चों से उनके आंसर सही करवा दिए। साथ ही जो गलतियां थी वह उन्होंने ठीक करवा दी और जो बच्चे नहीं आये थे उनकी आन्सर शीट को अन्य बच्चों की आंसर शीट से चेंज करवा दिया। उसके बाद उन कॉपियों को दोबारा उसी तरह से वापस सूटकेस बंद करके ब्लू डार्ट की गाड़ी में रख दिया। इस काम के लिये ब्ल्यू डार्ट वाला शब्बीर खान हमसे 50 हजार रूपये तथा गाड़ी का ड्राईवर जितेन्द्र तीन लाख रुपए लेता था। आईलेट्स के पेपर में पेन्सिल का प्रयोग ज्यादा होता है हम लोग एक ओएमआर शीट को अन्य बच्चों के ओएमआर शीट के साथ आसानी से बदल देते हैं। उसने बताया कि जो आईलेट्स की कोचिंग सेन्टर चलाते हैं उनके साथ समिंद्र मण्डी के अच्छे सम्पर्क है। वो ही बच्चों को उपलब्ध कराते है और प्रत्येक बच्चे से 02 से 03 लाख रूपये लेकर कोचिंग सेन्टर वाला उनको देता है। *एसटीएफ द्वारा इस परीक्षा में नकल करने वाले अभ्यर्थियों एवं कोचिंग सेन्टर के संचालकों की जांच की जा रही है।* पकड़े गये अभियुक्त साहिल कुमार द्वारा बताया गया कि वे इस काम को वर्ष 2021 से कर रहे है और अब तक 06 से 07 बार ऐसा कार्य करके कई अभ्यर्थियों को पास करवा चुके है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ द्वारा पुलिस टीम को दस हजार रुपये ईनाम की घोषणा की गयी है।

गिरतार किये गये अभियुक्तों का विवरण

1. जितेन्द्र पुत्र जयराम निकीहनपुरा थाना सांडी जिला हरदोई उत्तर प्रदेश ।

2. साहिल पुत्र सतीश कुमार उम्र 26 वर्ष निवासी मो० कैलाश नगर रोड, लुधियाना।

3. शब्बीर खान पुत्र सुजात अली निवासी ग्राम डोरिया थाना अमोर जिला पूर्णिया, बिहार हाल पता ब्लू बार्ट कम्पनी ऑपरेशन मैनेजर डार्ट ऑफिस आईटीआई के सामने माजरा पटेलनगर

पुलिस टीम का विवरण

1. निरीक्षक यशपाल सिंह

2. उ0नि० विपिन बहुगुणा

3. उ०नि० नरोत्तम बिष्ट

4 अउनि० देवेन्द्र भारती

5 हे०का संदेश यादव

6.का० रवि पंत

7. का० दीपक चंदौला

8. कादर खान

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