राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु ने सोमवार को 6 राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति की घोषणा की। राष्ट्रपति की ओर से उत्तराखंड के राज्यपाल के तौर पर डॉ ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति की है। बता दें कि डॉ ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के बालाघाट से लोकसभा के पूर्व सांसद हैं। वह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की जगह लेंगे।
वही अंकिता भंडारी मामले में चर्चित नाम दुष्यंत कुमार गौतम जो कि उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी रह चुके हैं उनको सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है जिसके बाद उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मच गई है. कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कल गांधी पार्क के पास सरकार को चेताने की बात कहते हुए 1 घंटे का मौन उपवास धारण करने की बात कही है।

मध्य प्रदेश की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर तय करने वाले डॉ. बिसेन चिकित्सक और कृषक भी हैं। वए चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे और 2019 में बालाघाट से लोकसभा सांसद चुने गए। मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।अब उत्तराखंड के संवैधानिक प्रमुख के रूप में उनकी नई भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखण्ड का राज्यपाल नियुक्त होने पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को देवभूमि उत्तराखण्ड का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन का दीर्घ राजनीतिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण तथा सार्वजनिक जीवन में उनका उल्लेखनीय योगदान प्रेरणादायी है। मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने जनहित और समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन के अनुभव एवं मार्गदर्शन से उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा राज्य की विकास यात्रा को और गति प्राप्त होगी।मुख्यमंत्री ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन के सफल, यशस्वी एवं मंगलमय कार्यकाल की कामना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा।








