Home / उत्तराखंड / अगर आप भी अपने बच्चों को खेलने छोड़ देते हैं तो सावधान, उत्तराखंड में यहां 9 साल के बच्चे ने 11 साल के बच्चे की छाती में चाकू घोंपा, मौत

अगर आप भी अपने बच्चों को खेलने छोड़ देते हैं तो सावधान, उत्तराखंड में यहां 9 साल के बच्चे ने 11 साल के बच्चे की छाती में चाकू घोंपा, मौत

अगर आप भी अपने बच्चों को गली मोहल्ले में बेफिक्र होकर खेल छोड़ देते हैं तो यह आपके लिए जरूरी खबर है। जी हां बता दे कि उत्तराखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां खेल-खेल में 9 साल के बच्चे ने 11 साल के बच्चे के छाती पर चाकू घोंप दिया जिससे उसकी मौत हो गई।

मामला ऊधमसिंह नगर के जसपुर का है जहाँ खेल के दौरान हुए विवाद ने एक घर के चिराग को छीन लिया। 7वीं कक्षा में पढ़ने वाला 11 वर्षीय ईशान पड़ोस में रहने वाले 9 वर्षीय बच्चे के साथ खेल रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि गुस्से में 9 वर्षीय बच्चे ने ईशान की छाती में चाकू घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल ईशान को परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ईशान अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था। उसके पिता तस्लीम घर के पास ही हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

मृतक के ताऊ ने बताया कि आरोपी बच्चा पूर्व में भी ईशान से कई बार झगड़ा कर चुका था। आरोपी बच्चे के पिता की पिछले वर्ष गंभीर बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है और आरोपी बालक स्कूल नहीं जाता है।घटना के बाद आरोपी बालक फरार बताया जा रहा है। उसकी मां को पुलिस ने पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना के बाद विधायक आदेश चौहान काशीपुर पोस्टमार्टम हाउस पहुॅचे जहॉ उन्होने जसपुर में घटित हुई इस घटना को दुखदाई और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वही सीसीटीवी फूटेज में गुस्से में 9 वर्षीय बालक ईशान के सीने मे चाकू मारते हुए साफ दिखाई दे रहा है वही दूसरे वीडियो में ईशान एक दुकान पर जख्म साफ कराते हुए दिखा जहॉ वह बेहोश होकर गिर गया जिसके बाद उसकी मौत हो गयी।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए छीपियान मोहल्ले में पुलिस बल तैनात किया गया है। जसपुर कोतवाल राजेश पांडे ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना उन सभी मां-बाप के लिए एक सीख है जो अपने बच्चों को गली मोहल्ले में खेलना छोड़ जाते हैं और उन पर ध्यान नहीं देते हैं। किस घटना से यह भी पता चलता है कि बच्चों के सिर पर पिता का साया होना भी जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *