देहरादून: एसआईआर की आड़ में उत्तराखंड की विभिन्न विधानसभाओं में बिना पहचान के लोग ऑन लाइन थोक के भाव कांग्रेस विचारधारा के मतदाताओं की फर्जी शिकायत कर रहे हैं और इस आधार पर पात्र मतदाताओं को चुनाव आयोग द्वारा नोटिस जारी किया जा रहा है और प्रदेश भर में लाखों मतदाता इसके कारण नाहक परेशान हो रहे हैं।
यह बात आज राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी बीबी पुरुषोत्तम के समक्ष कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कही। उन्होंने उदाहरण देते हुए हरिद्वार जनपद के मंगलौर ३४ विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर एक का उदाहरण देते हुए बताया कि किसी मांगेलाल नाम के व्यक्ति ने बूथ के २९ मतदाताओं की फर्जी शिकायत कर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाने का फार्म ७ भरा जो फार्म दस के रूप में योजित हुआ और उसके आधार पर जिन लोगों की शिकायत हुई उनको चुनाव आयोग का नोटिस दिया गया जिनके पास अपने सभी आवश्यक दस्तावेज व प्रमाण हैं जो उन्होंने बीएलओ को उपलब्ध कराए किंतु झूठी शिकायत करने वाले मांगेलाल का कोई अता पता नहीं है जबकि शिकायत कर्ता की पहचान होना व शिकायत झूठी पाए जाने पर जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत सज़ा का प्रावधान है किन्तु झूठी शिकायत करने वाले का जब कोई सही अता पता नहीं है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कैसे होगी। श्री धस्माना ने कहा कि यह काम कॉल सेंटरों से करवाया जा रहा है और इस पर रोक जरूरी है।
सूर्यकांत धस्माना ने मुख्य चुनाव अधिकारी से आग्रह किया कि आयोग अपनी तरफ से प्रेस व अन्य प्रचार माध्यमों से यह प्रचारित प्रसारित अवश्य करे कि किसी भी प्रकार की झूठी शिकायत पर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। धस्माना व अन्य दलों के प्रतिनिधियों की यह आम राय थी कि साठ साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के नोटिस के निस्तारण का कार्य उनके घरों पर जा कर बीएलओ करें जिसे आयोग ने सहमति प्रदान करते हुए इसका आदेश जारी करने का निर्णय लिया।
मुख्य चुनाव अधिकारी बीबी पुरुषोत्तम ने सभी दलों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि एसआईआर में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होगा।







