देहरादून : ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं निवेश के नाम पर उत्तराखण्ड के नागरिकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के विरुद्ध एसटीएफ ने बड़ी कार्यवाही की। BotBro, BotAlpha, Cross Market, Mine Crypto, Meta Trade 5, Financial Freedom एवं TLC Coin जैसी फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग कम्पनियों के माध्यम से प्रदेश के भोले-भाले नागरिकों को अधिक मुनाफे एवं विदेश यात्रा का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अभियुक्तों के विरुद्ध एसटीएफ ने बड़ी कार्यवाही की। भोले-भाले नागरिकों को अधिक मुनाफे एवं विदेश यात्रा का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
बता दें कि विदेश में बैठा मास्टरमाइंड लविश चौधरी, BotBro, BotAlpha सहित कई फर्जी ऑनलाइन कम्पनियों के माध्यम से ठगी का नेटवर्क चला रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त नवीन सिंह नेगी वर्ष 2022 से QFX कम्पनी से जुड़कर निवेश एवं लाभ प्राप्त कर रहा था तथा बाद में विदेश में बैठे मुख्य अभियुक्त लविश चौधरी द्वारा संचालित BotBro एवं BotAlpha जैसी कम्पनियों के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित कर रहा था।गिरफ्तार अभियुक्त नवीन सिंह नेगी कम्पनी में किंग लेवल का पोजीशन पोर्टफोलिया धारक था।
गिरफ्तार अभियुक्ता कविता परमार की कम्पनी में सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थी, जिनकी रोबो आईडी में लगभग 10 से 15 हजार लोग जुड़े थे। अभियुक्ता कविता परमार कम्पनी के सेमिनार में शामिल होने के लिए वर्ष 2023 से 2026 के मध्य मलेशिया, थाईलैण्ड, दुबई एवं वियतनाम की लगभग 12-13 विदेश यात्राएं कर चुकी है, जिनका सम्पूर्ण खर्च कम्पनी द्वारा वहन किया जाता था। जांच में उक्त कम्पनियों का RBI एवं SEBI में पंजीकृत न होना प्रकाश में आया था।
BotBro कम्पनी बंद होने एवं उसके नाम पर विभिन्न अभियोग पंजीकृत होने के बावजूद गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा RISENWAYS नाम से नई कम्पनी बनाकर पुनः लोगों को ऑनलाइन बिजनेस से जोड़ने के लिए Zoom Meeting के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से विवो एवं ओप्पो कम्पनी के दो मोबाइल फोन बरामद कर विवेचना में साक्ष्य संकलन हेतु कब्जे पुलिस लिया गया। मोबाइल फोन में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, बैंकिंग विवरण, व्हाट्सएप चैट, ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार व डीजीपी के निर्देश पर लविश चौधरी एवं उसके सहयोगियों द्वारा BotBro, BotAlpha, Cross Market, Mine Crypto, Meta Trade 5, Financial Freedom एवं TLC Coin आदि ऑनलाइन कम्पनियों के माध्यम से उत्तराखण्ड के नागरिकों को निवेश पर अत्यधिक लाभ, विदेश यात्रा एवं कम समय में अमीर बनने का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने के संबंध में पंजीकृत अभियोगों की विवेचना हेतु एसटीएफ उत्तराखण्ड के अधीन विशेष अन्वेषण दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसके क्रम में प्रकरण की गम्भीरता एवं व्यापक स्वरूप को देखते हुए श्री नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था/एसटीएफ./साइबर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा उक्त सम्बन्ध में राज्य के विभिन्न जनपदो में पजीकृत अभियोगों की एकीकृत विवेचना के दृष्टिगत स्वंय प्रत्येक केस की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग कर गठित एसआईटी टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं
एसआईटी द्वारा प्रकरणों की गहन विवेचना करते हुए वादीगण के बयान, बैंक खातों के स्टेटमेंट एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। विवेचना में प्रकाश में आया कि अभियुक्त नवीन सिंह नेगी वर्ष 2022 से QFX कम्पनी से जुड़कर लाभ प्राप्त कर रहा था तथा विदेश में बैठे मुख्य अभियुक्त लविश चौधरी द्वारा बनाई गई BotBro एवं BotAlpha जैसी ऑनलाइन कम्पनियों के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को निवेश के लिए प्रेरित कर रहा था। उक्त कम्पनियां RBI एवं SEBI में पंजीकृत नहीं थीं। इन कम्पनियों के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे एवं विदेश यात्रा का प्रलोभन देकर उनकी मेहनत की कमाई निवेश के नाम पर प्राप्त की जा रही थी।
विवेचना में यह भी महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आया कि BotBro कम्पनी बंद होने तथा उसके विरुद्ध विभिन्न अभियोग पंजीकृत होने के बाद भी अभियुक्त नवीन सिंह नेगी द्वारा RISENWAYS नाम से एक नई ऑनलाइन कम्पनी का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। अभियुक्त द्वारा Zoom Meeting के माध्यम से लोगों को पुनः अपने बिजनेस से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था, जिससे आम जनता के साथ दोबारा धोखाधड़ी किए जाने की आशंका थी, जिसके उपरान्त अभियुक्तगण के विरुद्ध एक ओर अभियोग साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 053/2026, धारा 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस, 66डी आईटी एक्ट एवं धारा 3/21(3) BUDS Act पंजीकृत कराया गया ।
उपरोक्त तथ्यों एवं विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी द्वारा अभियुक्त नवीन सिंह नेगी पुत्र हर्षवर्धन सिंह नेगी, निवासी जनपद रुद्रप्रयाग, हाल निवासी सिद्धि विनायक कॉलोनी, मकान नम्बर-07, थाना रायपुर, जनपद देहरादून, उम्र 35 वर्ष एवं थाना डोईवाला, जनपद देहरादून में पंजीकृत मु0अ0सं0 204/2026 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस व 3/21 BUDS Act में श्रीमती कविता परमार पत्नी अरुण परमार निवासी बालावला देहरादून को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से विवो एवं ओप्पो कम्पनी के दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिन्हें विवेचना में साक्ष्य संकलन हेतु कब्जे पुलिस लिया गया है।
उक्त मोबाइल फोन में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, व्हाट्सएप चैट, BotBro, BotAlpha, Mine Crypto एवं RISENWAYS सहित अन्य ऑनलाइन कम्पनियों से संबंधित जानकारी तथा ऑनलाइन ट्रेडिंग खातों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी एवं डॉलर के रूप में किए गए लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त होने की संभावना है, जिनका परीक्षण एवं विश्लेषण किया जा रहा है।
*गिरफ्तार अभियुक्ता*
प्रकरण में गिरफ्तार दूसरी अभियुक्ता कविता परमार पत्नी अरुण परमार से पूछताछ में महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आए। अभियुक्ता वर्ष 2022 से QFX कम्पनी से जुड़ी थी। अभियुक्ता द्वारा स्वयं एवं अपने परिजनों की आईडी बनाकर निवेश किया गया तथा अपनी रेफरल आईडी के माध्यम से अन्य लोगों को जोड़कर एक बड़ा डाउनलाइन नेटवर्क तैयार किया गया था। अभियुक्ता की रोबो आईडी में लगभग 10 से 15 हजार लोग जुड़े होने की जानकारी प्राप्त हुई है तथा वह कम्पनी में सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव के पद तक पहुंच गई थी। अभियुक्ता के अनुसार उसे कम्पनी से प्रतिमाह लगभग 1,000 डॉलर का लाभ प्राप्त होता था।
अभियुक्ता द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वह वर्ष 2023 से 2026 के मध्य कम्पनी के सेमिनार में सम्मिलित होने के लिए मलेशिया, थाईलैण्ड, दुबई एवं वियतनाम की लगभग 12-13 बार विदेश यात्रा कर चुकी है, जिसका आने-जाने, रहने एवं खाने का सम्पूर्ण खर्च कम्पनी द्वारा वहन किया जाता था। अभियुक्ता द्वारा देहरादून एवं उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों पर कम्पनी का प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ Zoom Meeting एवं WhatsApp ग्रुप के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। इन ऑनलाइन बैठकों में एक समय पर लगभग 1,000 लोग जुड़ते थे।
अभियुक्ता द्वारा पूछताछ में बताया गया कि निवेशकों द्वारा कम्पनी के बैंक खातों में जमा कराई गई धनराशि के बदले उनके ऑनलाइन खातों में डॉलर के रूप में केवल संख्याएं प्रदर्शित की जाती थीं, जबकि वह कोई वास्तविक धनराशि नहीं होती थी। इस तथ्य से ऑनलाइन निवेश के नाम पर संचालित किए जा रहे नेटवर्क की कार्यप्रणाली के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है।
प्रकरण में निवेशकों से प्राप्त धनराशि के वास्तविक स्रोत एवं गंतव्य, विभिन्न बैंक खातों, नकद लेन-देन, क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से हुए लेन-देन तथा विदेश में बैठे मुख्य अभियुक्त एवं अन्य सहयोगियों की भूमिका के संबंध में अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।
*गिरफ्तार अभियुक्तगण*
1.नवीन सिंह पुत्र श्री हर्षवर्धन सिंह नेगी निवासी ग्राम ब्यूरो देबल तहसील बसुकेदार, जिला रुद्रप्रयाग हाल पता सिद्धि विनायक कॉलोनी मकान नंबर 7 थाना रायपुर जनपद देहरादून, उम्र 35 वर्ष
2.श्रीमती कविता परमार पत्नी अरुण परमार निवासी बालावला देहरादून उम्र- करीब 36 वर्ष
*बरामदगी*
02 मोबाइल फोन (01 विवो एवं 01 ओप्पो)।
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड* द्वारा आम जनता से अपील करती है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं निवेश के नाम पर अत्यधिक मुनाफे, विदेश यात्रा अथवा कम समय में धन दोगुना करने का प्रलोभन देने वाली अनधिकृत कम्पनियों एवं व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी ऑनलाइन निवेश से पूर्व कम्पनी की वैधानिकता एवं नियामक संस्थाओं में पंजीकरण की जांच अवश्य करें।








