प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से करना ना केवल हास्यास्पद है बल्कि पूरी तरह से बे ईमानी है यह बात आज सदस्य एआईसीसी व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में सिर्फ घोषणाएं होती थी और भाजपा के राज में शिलान्यास और उद्घाटन होते हैं। धस्माना ने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और इसमें घोषणाएं शिलान्यास व उद्घाटन सतत चलते रहते हैं लेकिन किसी भी सरकार के कार्यों की समीक्षा उसकी नीति और नियत से होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री बनने से पहले घोषणा की थी कि देश में दो करोड़ बेरोजगारों को हर साल रोजगार मिलेगा उस हिसाब से बारह वर्षों में देश में चौबीस करोड़ युवाओं को अब तक रोजगार मिल जाना चाहिए था किंतु आज बेरोजगारी दर देश में पिछले पचास सालों में सबसे ज्यादा है, काला धन वापस आएगा एक विशुद्ध जुमला साबित हुआ।
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि वर्ष २०२२ के चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश में कोई भी नागरिक बिना घर के नहीं रहेगा लेकिन आज देश में करोड़ों लोग बेघर हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष २०२४ में प्रधानमंत्री ने कहा कि २०२६ तक देश दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा और पांच ट्रिलियन की इकॉनमी भारत बन जाएगा किन्तु आज हमारी इकॉनमी चार ट्रिलियन के साथ छठे नम्बर की अर्थव्यवस्था है। धस्माना ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में देश में चालीस हजार एमएसएमई बंद हुए और विदेशी निवेशक भारत छोड़ कर जाने लगे हैं। धस्माना ने कहा कि नीट समेत ८९ पेपर लीक का रिकॉर्ड भी मोदी जी की सरकार के ही नाम है।
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने आधुनिक भारत की नींव रखी थी जिस पर आज भारत के चाहे आईआईटी हों आईआईएम हों एम्स हों या जितनी भारी उद्योग देश में हैं और भारत के नौ रत्न सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रम है सभी पंडित जवाहर लाल नेहरू की दूर दृष्टि व वैज्ञानिक व प्रगतिशील सोच के कारण हैं इसलिए उनसे तुलना हास्यास्पद ही हो सकती है।







