देहरादून- आगामी चारधाम यात्रा 2026-27 को सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक गरिमा के अनुरूप बनाने के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है।
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंदिर की परंपराओं की रक्षा और यात्रियों की सुविधाओं को लेकर बड़े निर्णय लिए गए।
बैठक का सबसे बड़ा और चर्चित फैसला बदरीनाथ, केदारनाथ और समिति के अधीन आने वाले अन्य 45 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाना है।
समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि चारधाम कोई पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सनातन धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं। धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं की शुद्धता बनाए रखने के लिए अब इन धामों में केवल सनातन धर्म में आस्था रखने वालों को ही प्रवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
आगामी यात्रा सीजन के लिए समिति ने 121.07 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित बजट पारित किया है। इस बजट का मुख्य हिस्सा यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और मंदिर प्रबंधन पर खर्च किया जाएगा








