नेशनल सिक्योरिटी गार्द (एनएसजी) में डेपूटेशन पर रहे बीएसएफ के एक डिप्टी कमांडेंड पर 125 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। आरोेपी ने सिविल वर्क ठेकेदारों से ये राशि एनएसजी परिसर में विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्यों के लिए ईएमडी (धरोहर राशि) के तौर पर ठगी। पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ उसकी पत्नी ममता यादव, बैंक मैनेजर बहन रितु यादव व एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 13 करोड़ 81 लाख रुपये नकद व 6 से अधिक करोड़ों रुपयों की कीमत वाली लग्जरी कारें बरामद की हैं।
सिविल वर्क के ठेके वाली कंपनियों के देवेंद्र कुमार व नारायण दास ने मानेसर थाने में शिकायत दी कि एनएसजी में कार्यरत प्रवीण यादव नामक आईपीएस अधिकारी ने उन्हें टेंडर दिलवाने के नाम पर करोड़ों रुपये लिए थे लेकिन अभी तक न काम दिलवाया और न ही पैसे वापस लिए। मामला एनएसजी से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने जांच के लिए एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रवीण यादव को गिरफ्तार कर लिया। उससे हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसकी पत्नी ममता यादव, बहन रितु राज यादव व दिनेश नामक इनके साथी को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी दस्तावेजों से खुलवाया एनएसजी का खाता
एक निजी बैंक में मैनेजर अपनी बहन रितुराज यादव की सहायता से एनएसजी के नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खुलवाया। इसके बाद उसने जुलाई 2021 में गुरुग्राम के ही रहने वाले दिनेश नामक युवक के माध्यम से कई ठेकेदारों को एनएसजी परिसर में स्टाफ के लिए रिहायशी मकान, सड़कें व दूसरे निर्माण का ठेका दिलाने के लिए करोड़ों रुपये धरोहर राशि के तौर पर फर्जी खाते में जमा करवा लिए। आरोपी ने काम से संबंधित फर्जी दस्तावेज भी जारी कर दिए। खास बात यह है कि आरोपी ने ठेकेदारों को एनएसजी परिसर में काम करने के लिए मौका भी दिखाया और ठेकेदारों के साथ ज्यादातर बैठकें एनएसजी परिसर में ही की। लेकिन किसी को इसके द्वारा अंजाम दिए जा रहे फर्जीवाड़े की कानों-कान खबर तक नहीं लगी। कई महीने बीतने के बाद भी ठेकेदारों को जब वर्क आॅर्डर समेत दूसरे दस्तावेज नहीं दिए। शक होने पर ठेकेदारों ने पूरे मामले की शिकायत एनएसजी के अधिकारियों व पुलिस से कर दी।
शेयर मार्केट में लगाता था पैसे, लग्जरी गाड़ियों का शौकीन
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एनएसजी के नाम से खुलवाए गए खाते में जमा होने वाली रकम को एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर देता था। इस कंपनी की डायरेक्टर आरोपी की पत्नी ममता यादव तथा बहन रितु यादव हैं। आरोपी इन पैसों को शेयर मार्केट में लगाता था और इनसे अपने लग्जरी शौक भी पूरे करता था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 13 करोड़ 81 लाख रुपये, करोड़ों की कीमत वाली बीएमडब्ल्यू, मर्सडीज, रेंज रोवर व दूसरी लग्जरी कारें बरामद की हैं।
परिसर की जानकारी का उठाया फायदा
प्रवीण यादव गुरुग्राम के गांव खेड़ा खुर्रमपुर का रहने वाला है और बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट है। वर्ष 2017 में वह एनएसजी में डेपूटेशन पर आया था और मई 2021 में वापस बीएसएफ में चला गया। पोस्टिंग के दौरान वह एनएसजी परिसर की सारी बारीकियों से परिचित हो गया। इस परिसर में उसकी निर्बाध एंट्री होने लगी। इसका लाभ उसने ठेकेदारों का विश्वास जीतने के लिए किया। फिलहाल उसकी पोस्टिंग त्रिपुरा में बताई जाती है। वह शेयर मार्केट में पैसे लगाने का आदी है, जहां भारी घाटा हो गया। इस घाटे की भरपाई के लिए उसने फर्जीवाड़े की साजिश रची। वहीं आरोपी लग्जरी कारों का भी शौक रखता है। शौक पूरा करने के लिए आरोपी ने सारी योजना को अंजाम दिया।












