देहरादून। सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की उत्तराखंड की नोडल अधिकारी एवं राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (NCCT) की सचिव मीनू शुक्ला पाठक ने आज देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार में सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए PACS के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी सेवाओं के विस्तार तथा समितियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, PACS कम्प्यूटरीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) सेवाओं, मत्स्य सहकारिता, सहकारी प्रशिक्षण एवं नवगठित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (MPACS) की प्रगति पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश की कुल 671 PACS में से प्रथम चरण में 326 केंद्रों एवं 84 उपकेंद्रों तथा द्वितीय चरण में 21 PACS का रूपांतरण किया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा अतिरिक्त 190 PACS के रूपांतरण के लिए भी पत्र भेजा गया है। इस पर सचिव NCCT ने शेष समितियों के रूपांतरण की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
CSC सेवाओं के अंतर्गत 670 PACS में से वर्तमान में 300 समितियां सक्रिय हैं। उन्होंने शेष समितियों को भी शीघ्र सक्रिय करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने तथा राज्य सरकार के ई-सेवा पोर्टल की सेवाओं को PACS के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीण नागरिकों को स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाओं का लाभ मिलने के साथ समितियों की आय में भी वृद्धि होगी।
PACS कम्प्यूटरीकरण के तहत डायनामिक डे-एंड एवं ई-ऑडिट नियमित रूप से संचालित करने, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्याओं का समाधान करने तथा राजस्व विभाग के समन्वय से समितियों के भूमि अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करने पर जोर दिया गया। वहीं PM-MKSSY के अंतर्गत मत्स्य सहकारी समितियों को मत्स्य कृषक उत्पादक संगठन (FFPO) के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सहकारी समितियों के सचिवों, लेखाकारों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों को अधिनियम, नियमावली, कम्प्यूटरीकरण एवं ऑडिट संबंधी प्रशिक्षण देने के लिए दिसंबर माह में बैठक आयोजित कर प्रशिक्षण आवश्यकताओं का आकलन किया जाएगा। यह प्रशिक्षण ICM एवं NABARD के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त नवगठित MPACS की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर पात्र समितियों को प्रथम चरण में NABARD के माध्यम से हैंडहोल्डिंग सपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि समितियों को शीघ्र क्रियाशील एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
मीनू शुक्ला पाठक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सहकारिता से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने सहकारी समितियों को अधिक सशक्त, पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास करने पर बल दिया।
बैठक में अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम.पी. त्रिपाठी सहित सहकारिता विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








