देहरादून । भाजपा ने कहा कि एसआईआर मे भी कांग्रेस आरोप प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है और पूर्व के प्रसंग देखे जाए तो उसे इस बार भी मुँह की खानी होगी। कांग्रेस झूठ परोसने की मशीन साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगा रही कांग्रेस कारनामा किसी गंभीर अपराध से कम नही है और जनता की अदालत मे निश्चित रूप से उसे जवाब देना होगा।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने पार्टी मुख्यालय मे पत्रकारों से वार्ता के दौरान चेताया कि विपक्ष ने संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की नकारत्मक राजनीति नहीं छोड़ी तो जनता उन्हें करारा सबक अवश्य सिखायेगी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक एवं स्वतंत्र संस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े करना विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस को लगता है कि किसी बात को बार-बार दोहराने से वह सच बन जाएगा। लेकिन आज के जमाने में जब कुछ भी छिपाना संभव नहीं। ऐसे में सच को झूठ से ढकना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपनी नकारात्मक सोच बदलनी होगी। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाने के बजाय उन्हें जनता के मुद्दों, विकास और जनकल्याण पर सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए।
उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के तमाम नेता लगातार चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर झूठे सवाल उठा रहे हैं। उनका मकसद है कि संस्थाओं पर राजनीतिक आरोप लगा कर, लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास कमजोर करना।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष SIR को लेकर अलग-अलग दावे करके जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है। वहीं, चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को ही स्पष्ट किया कि राष्ट्रव्यापी एसआईआर का आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से स्वीकृत हुआ था और आयोग ने इसे वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप बताया है। बेहतर होता, देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने के बजाय विपक्ष को तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखता।
मनवीर चौहान ने विपक्ष के दोहरे रवैये पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि 2014 के बाद भी कांग्रेस एवं अन्य पार्टियां अनेकों चुनाव जीती हैं। इसी तरह जब 2024 में भाजपा 240 सीट तक सीमित हुई और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट बांकीपुर में भाजपा चुनाव हारी तो कांग्रेस ने लोकतंत्र की जीत बताया। लेकिन सारी दिक्कत उन्हें भाजपा की जीत के सच से है, इसीलिए वे झूठ पर झूठ फैला रहे हैं।







